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सीधी-किसान की जरूरत के अनुसार मिलेगी पर्याप्त खाद – कृषि उत्पादन आयुक्त कृषि, उद्यानिकी तथा मछली पालन से दें युवाओं को रोजगार का अवसर – एपीसी

किसान की जरूरत के अनुसार मिलेगी पर्याप्त खाद – कृषि
उत्पादन आयुक्त
कृषि, उद्यानिकी तथा मछली पालन से दें युवाओं को
रोजगार का अवसर – एपीसी
कुसमी में मछली पालन के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना
सीधी 16 अक्टूबर 2020
प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त के.के. सिंह ने वीडियो
कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से रीवा तथा शहडोल संभाग के कृषि आदान
की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रीवा तथा शहडोल संभागों में
पिछले कुछ वर्षों में उद्यानिकी फसलों में शानदार वृद्धि दर्ज की
गई है। सिंचाई की सुविधा बढ़ने से धान तथा गेंहू के
क्षेत्राच्छादन एवं उत्पादन में वृद्धि हो रही है। कमिश्नर तथा कलेक्टर
कृषि तथा इससे जुड़े विभागों की गतिविधियों की हर सप्ताह समीक्षा
करें। कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, मछलीपालन तथा इससे जुड़ी अन्य
गतिविधियां युवाओं को रोजगार देने के तथा ग्रामीण
अर्थव्यवस्था को गति देने में कारगर सिद्ध होंगी। प्रधानमंत्री जी की
आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत एग्रो इन्फ्रास्ट्रक्चर मद में केन्द्र
सरकार कृषि क्षेत्र में दो करोड़ रूपये तक के ऋण में गारंटी दे रही
है। इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करके सक्षम युवाओं को इससे
लाभान्वित करें।
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि किसानों
को उनकी मांग के अनुसार खाद की आपूर्ति करें। सभी कलेक्टर
आगामी तीन माहों में माहवार खाद का मांगपत्र तत्काल प्रेषित करें।
यूरिया की बिक्री पीओएस मशीन के माध्यम से करें। खाद की प्राप्ति तथा
वितरण को पीओएस मशीन के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज करायें। जिससे खाद की
उपलब्ध भौतिक मात्रा एवं पीओएस मशीन के रिपोर्ट में कोई अन्तर न
रहे। किसानों को इस बात के लिये आश्वस्त करें कि खाद की कमी नहीं
होगी। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि एक जिला एक फसल योजना के तहत
रीवा तथा शहडोल संभाग के सभी जिलों के लिये फसलें निर्धारित कर
दी गई हैं। इन फसलों के क्षेत्र विस्तार के लिये प्रयास करें। उद्यानिकी
फसलों, मसालों तथा फूलों की खेती से किसानों को अतिरिक्त आय
प्राप्त होगी।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने सीधी जिले के विकासखंड
कुसमी में मछली पालन के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए कलेक्टर रवींद्र
कुमार चौधरी की सराहना की तथा इसे और अधिक विस्तारित करने के
निर्देश दिए। कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा रीवा एवं शहडोल संभाग के
सभी जिलों में सभी बारहमासी तथा छरूमासी तालाबों में मछलीपालन
कराने, निजी क्षेत्र में मछलीपालन को प्रोत्साहित करने एवं प्रधानमंत्री
मत्स्य संपदा योजना के लक्ष्य के अनुसार 30 नवम्बर तक शत-प्रतिशत प्रकरण दर्ज
करने के निर्देश दिये गये।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि रीवा तथा शहडोल
संभाग में डेयरी के विकास की अपार संभावनाएं हैं। संभाग के सभी
पशुओं की टैगिंग तथा टीकाकरण कराकर ऑनलाइन शत-प्रतिशत जानकारी
दर्ज करें। दुधारू पशुओं के नस्ल सुधार, मिल्क रूट एवं दुग्ध सहकारी
समिति बनाने पर विशेष ध्यान देकर दूध का संकलन एवं वितरण बढ़ायें। जिला
पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गौशालाओं का निर्माण समय पर पूरा
करायें। सभी कलेक्टर गौशालाओं में पर्याप्त संख्या में गौवंश
रखने तथा गौशाला प्रबंधन के संबंध में तत्परता से प्रयास करें।
गौशालओं में गोबर तथा गोमूत्र से विभिन्न उत्पाद तैयार कर
उनकी बिक्री से गौशाला को अतिरिक्त आय हो सकती है।
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त ने संभाग के सभी
सहकारी बैंकों की कमजोर आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए इसमें
सुधार के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान
खरीदी के लिये पंजीयन कराने वाले सभी ऋणी किसानों की जानकारी
ऑनलाइन दर्ज करायें। सहकारी बैंक प्रबंधक लंबित ऋणों की वसूली के
लिये अभियान चलायें। गवन के प्रकरणों में भी कठोर कार्यवाही

करें। कृषि उत्पादन आयुक्त ने मछली पालक तथा दुग्ध उत्पादक
किसानों को बहुत कम किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत करने पर नाराजगी व्यक्त
की। उन्होंने सभी किसानों को केसीसी कार्ड देने के निर्देश
दिये। बैठक में सरसों की खेती के विस्तार, खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाने,
धान उपार्जन के लिये व्यवस्था तथा कृषि यंत्रीकरण पर चर्चा की गई।
बैठक में सीधी एनआईसी कक्ष से कलेक्टर रवींद्र
कुमार चौधरी, अपर कलेक्टर हर्षल पंचोली सहित संबंधित विभागीय
अधिकारी उपस्थित रहे।

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