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जेसीबी से हो रहा निर्माण कार्य,मजदूर कर रहे पलायन शिकायत होने पर नहीं दिखती कार्यवाही में अधिकारियो की रूचि मामला सीधी जनपद के ग्राम पंचायत ऐंठी का

जेसीबी से हो रहा निर्माण कार्य,मजदूर कर रहे पलायन
शिकायत होने पर नहीं दिखती कार्यवाही में अधिकारियो की रूचि
मामला सीधी जनपद के ग्राम पंचायत ऐंठी का
फोटो 01,02
सीधी। विकास कार्यो को लेकर ग्राम पंचायतें जरा भी गंभीर नही है। शासन से मिले वजट का जमकर दुरूपयोग किया जा रहा है। पूरे देश में इस समय कोरोना महामारी का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण राज्य सरकारों ने मजदूरों को पलायन को रोंकने पंचायत स्तर पर काम दिए जाने का निर्देश जारी किया था। इसके बाद जिले के संवेदनशील कलेक्टर ने सभी पंचायतों को निर्देश जारी किए गए थे। निर्देशों में कहा गया था कि अगर पंचायतों में जेसीबी मशीन से कार्य कराया जाता है तो संबंधित पंचायतकर्मियों के ऊपर एफआईआर दर्ज कराई जायेगी। लेकिन संबंधित जनपद पंचायतों द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने के कारण सरपंच,सचिव व रोजगार सहायकों द्वारा पंचायतों के कामों में जेसीबी मशीन से लगातार कार्य कराया जा रहा है। शिकायतें भी होती हैे लेकिन जनपद स्तर से ही पूरे मामले को रफा-दफा कर दिया जाता है। ऐसा ही मामला सीधी जनपद के ग्राम पंचायत ऐंठी का सामने आया है। जहां ग्राम पंचायत सुदूर सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है जिसकी लागत 15 लाख बताई गई है। यह निर्माण कार्य सकरी घटिया से कुसमहर पहुंच मार्ग में जेसीबी द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस पूरे मामले की जब शिकायत जनपद पंचायत के अधिकारियों को की गई लेकिन मौके पर जाने की अधिकारियों ने जहमत नही उठाई है। ग्राम पंचायत ऐंठी के सचिव व रोजगार सहायक विजय मिश्रा द्वारा पूरे पंचायत में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया है कि सचिव व रोजगार सहायक द्वारा न तो मास्क का वितरण किया गया न ही सेनेटाईजर का वितरण किया गया। ग्रामीण बतातें है कि गर्मी के दिनो में बाहर से आये प्रवासी श्रमिकों को कोई रोजगार नही दिया गया जो भी पंचायतों में निर्माण कार्य कराया गया है वह सभी कार्य जेसीबी मशीन द्वारा कराया गया है और फर्जी मजदूरो का नाम मस्टर रोल में भरकर निकाल टीएस एएस कराकर निकाल लिया गया है। ग्रामीणों ने बताया है कि अगर ऐंठी ग्राम पंचायत की जांच कराई जाय तो करोड़ों रूपये का भ्रष्टाचार सामने आयेगा।लेकिन कार्यवाही सिर्फ जांच तक हो कर सिमट जाती है जबकि मामले की जानकारी जिले के मुखिया को भी देने वाबजूद भी कार्यवाही नहीं होती है ऐसे में ग्राम पंचायते निर्भीक हो कर मशीने से कार्य कराये जा रहे है ।

प्रवाशी श्रमिकों को काम देने शुरू की गई थी योजनाएं
राज्य सरकार व जिला कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा जहां एक ओर पूरा देश ठप्प पड़ा था तो वहीं दूसरी ओर प्रवाशी श्रमिकों को रोजगार देेने ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के कामों को करने के आदेश दिए गए थे। लेकिन सचिव व रोजगार सहायक ने महामारी में अपना हित साधने सभी कार्यो को जेसीबी मशीनों के माध्यम से कराये जाने लगे। जिससे ऐंठी के एक भी प्रवाशी श्रमिक को रोजगार नही मिला। हालात ये हो गए कि धीरे-धीरे फिर से प्रवाशी श्रमिकों द्वारा रोजी-रोटी के लिए पलायन शुरू हो गया जो ये काफी चिंतनीय है।

आदेशों को तवज्जो नही देते अधिकारी
अभी हाल ही में चौफाल कोठार का मामला सामने आया था। जहां कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने स्वयं जनपद सीईओ को पत्र जारी कर रोजगार सहायक के विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन जनपद पंचायत सीईओ द्वारा उक्त रोजगार सहायक पर आज दिनांक तक कोई कार्रवाई नही की गई है। जिससे साफ हो गया है कि जब अधिकारी कलेक्टर के आदेशों को नही मानते है तो किसके आदेशों को मानेगें।

अब तो साहब से भी उठ रहा विस्वास
जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है खुलेआम ग्राम पंचायतों में जेसीबी से निर्माण का कराए जा रहे हैं ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद भी जिले का जिम्मेदार प्रशासनिक अमला ध्यान नहीं दे रहा है ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि कलेक्टर एसडीएम जिला एवं जनपद सीईओ से सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायको की मनमानी को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन शिकायत का उन पर तो कोई असर नहीं दिखा उल्टा सरपंच ,सचिव, रोजगार सहायक द्वारा ग्रामीणों को ही धमकाया जा रहा है।

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