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सीधी-कुसमी में मत्स्य पालन हेतु हितग्राहियों को मछली बीज वितरित आय बढ़ाओं गरीबी हटाओ – विधायक श्री टेकाम कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों में उन्नत तकनीकी से आएगी खुशहाली – कलेक्टर

कुसमी में मत्स्य पालन हेतु हितग्राहियों को मछली बीज वितरित

आय बढ़ाओं गरीबी हटाओ – विधायक श्री टेकाम

कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों में उन्नत तकनीकी से आएगी खुशहाली – कलेक्टर

सीधी 19 अगस्त 2020
देश के विकास का रास्ता गांवो से होकर ही जाता है। गांव समृद्ध और विकसित होंगे तो देश भी प्रगति की राह पर अग्रसर होगा। किसानों की आय में वृद्धि हो, ग्रामीण क्षेत्र खुशहाल हो, आत्म निर्भर हो, इसके लिए शासन द्वारा सतत रूप से प्रयास किए जा रहें हैं। सीधी जिले में भी कृषकों की आय में वृद्धि के लिए उन्हें पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी के क्षेत्र से जोड़ने के लिए कदम उठाए जा रहें हैं। इसी क्रम में विकासखण्ड कुसमी में कृषकों को मछली पालन की गतिविधि से जोड़ने के लिए उन्नत किस्म के मछली के बीजों का वितरण विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम एवं कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा ठाढ़ी पाथर में मंगलवार को किया गया। ठाढ़ी पाथर के दो कृषकों द्वारा इस क्षेत्र में पहल की गयी है।

इस अवसर पर विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम ने कहा कि गांव की तरक्की से ही देश की तरक्की संभव है। गांव के लोगों की खुशहाली खेती, पशुपालन, उद्यानिकी, मछली पालन आदि गतिविधियों में उन्नत तकनीकी को अपनाकर आय को बढ़ाने से होगी। उन्होने कहा कि क्षेत्र में अधोसंरचना के विकास में निरन्तर कार्य किए गए हैं अब उसका दोहन का समय आ गया है। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का सपना है कि देश का प्रत्येक किसान लखपती हो। इस सपने को साकार करने की दिशा में सरकार द्वारा किसानों की हर संभव मदद की जा रही है। उन्होने कहा कि सरकार का यह मानना है कि आय बढ़ाओ और गरीबी हटाओ। विधायक श्री टेकाम ने इस कार्य का प्रारंभ करने वाले हितग्राहियों को प्रेरित किया तथा क्षेत्र के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करने को कहा है जिससे इसमें और भी लोग जुड़े और क्षेत्र का सम्मिलित रूप से विकास संभव हो। उन्होने उपस्थित अधिकारियों को इस पहल के लिए सराहना की तथा इस कार्य में निरंतर मार्गदर्शन एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए कहा है।

कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि जिले में कृषि से जुड़ी गतिविधियों में उन्नत तकनीकी के विस्तार के लिए शासन के निर्देशानुसार योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के लिए उनके द्वारा परम्परागत खेती साथ-साथ उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन आदि गतिविधियों को भी अपनाना आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले में राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया है। जिले में 20000 गर्भाधान लक्ष्य के विरूद्ध 21187 कृत्रिम गर्भाधान किए गए हैं जिसके द्वारा उन्नत नस्ल के बच्चों का जन्म प्रारंभ हो गया है और इस वर्ष 50 हजार कृत्रिम गर्भाधान का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। तीन से चार वर्षो के अंदर जिले में पशुओं का नस्ल सुधार होगा और दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि होगी। उद्यानिकी के क्षेत्र में मनरेगा योजना अंतर्गत हितग्राहियों को फलोद्यान से जोड़ा जा रहा है किसानों के यहां फलदार पौधों आम, नींबू, आंवला, वीएनआर अमरूद, एप्पल बेर आदि जिसका उत्पादन भी 3-4 वर्षों में प्रारंभ होगा। इसी प्रकार कुसमी क्षेत्र को दृष्टिगत रखते हुए यहां खेत तालाबों का निर्माण किया जा रहा जिसका उपयोग सिंचाई के साथ-साथ मछली पालन में भी हो सकेगा। अभी प्रथम चरण में 22 हितग्राहियों का चयन किया गया है। उन्होने बताया कि इससे जुडे़ किसान अपनी पूरी क्षमता से कार्य करें उन्हें संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक मार्गदर्शन व सहयोग प्रदान किया जायेगा। इनकी सफलता से अन्य किसान भी प्रेरित होंगे और हमारे गांव प्रगति की राह पर अग्रसर होंगें। कलेक्टर श्री चौधरी ने उपस्थित जनों को कोरोना वायरस के संक्रमण से रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियां रखने के लिए कहा है। अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें, घर से बाहर निकलने पर मास्क का प्रयोग अवश्य करें, सार्वजनिक स्थानों पर दो गज की दूरी का ध्यान रखें, नियमित अंतराल पर अपने हाथों को साबुन पानी से धोते रहें और सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में समस्या होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।

कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा हिमांशु तिवारी ने बताया कि कुसमी जनपद में वर्ष 2019 -20 में 137 खेत तालाब स्वीकृत किए गए । इन तालाबों में से 37 खेत तालाब पूर्ण हो चुके हैं जिनमें 10 से 11 माह तक पानी भरा रहता है। इस प्रकार की खेत तलाब जिनमें 10 -11 माह पानी भरा रहता है वह मछली पालन के लिए उपयुक्त है । इस प्रकार इन खेत तलाब में किसान भाइयों को सिंचाई के लिए पानी के अलावा मछली पालन की भी सुविधा प्राप्त होगी । इसी सिद्धांत को पालन करने के लिए कुसमी जनपद में यह विचार किया गया कि इन शिक्षकों को वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन के लिए भी प्रेरित किया जाए । इन्हीं विचारों के प्रति पालन में 37 पूर्णतालाबों में से 22 हितग्राही चयनित किए गए जिन्होंने पूर्व में भी मछली पालन किया किंतु उनका मछली पालन का अनुभव सही नहीं रहा । अतः इनको प्रशिक्षण के लिए सर्वप्रथम जनपद पंचायत रामपुर नैकिन में एक सफल मत्स्य पालक श्री लक्ष्मीकांत कुशवाहा के खेत तालाब भैंसराह का भ्रमण कराया गया । इसके साथ ही फिशरीज के विशेषज्ञ डॉ. राहुल द्वारा प्रशिक्षण माह जुलाई में कुसमी ब्लाक परिसर में दिया गया। वहां इन सभी कृषकों ने यह समझा कि मछली पालन को कैसे वैज्ञानिक तरीके से किया जाए ताकि वह उनकी आय बढ़ाने में सहायक हो । इस प्रकार यह निर्णय लिया गया कि इन 22 चयनित हितग्राहियों को कोलकाता से उन्नत किस्म के मछली बीज मंगवा कर पालन के लिए दिए जाएं ।

इस अवसर पर उपखंड अधिकारी कुसमी आर के सिन्हा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एस एन द्विवेदी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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